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TCS के HR ने तोड़ी चुप्पी: आखिर क्यों कम हुए 23,000 कर्मचारी?

Tata Consultancy Services (TCS) में FY2026 के दौरान लगभग 23,460 कर्मचारियों की कमी को लेकर उठे सवालों पर कंपनी के HR प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि यह बड़े पैमाने पर layoffs नहीं बल्कि natural attrition, restructuring और बदलती टेक्नोलॉजी की वजह से हुआ बदलाव है। कंपनी ने बताया कि कर्मचारी खुद नौकरी छोड़ने, रिटायरमेंट और skill mismatch जैसे कारणों से संख्या घटी है, जबकि hiring अब भी जारी है और हर साल हजारों freshers को onboard किया जा रहा है।

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भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक Tata Consultancy Services (TCS) हाल ही में चर्चा के केंद्र में आ गई जब यह सामने आया कि कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या में एक साल के भीतर लगभग 23,000 से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इस खबर ने पूरे आईटी सेक्टर में चिंता पैदा कर दी क्या यह बड़े पैमाने पर छंटनी (layoffs) का संकेत है? क्या AI नौकरियां खत्म कर रहा है? या इसके पीछे कोई और वजह है?

अब कंपनी के HR प्रमुख ने इस पूरे मामले पर विस्तार से सफाई दी है, जिससे तस्वीर पहले से काफी स्पष्ट हो गई है।

क्या सच में TCS ने 23,000 कर्मचारियों को निकाल दिया?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यह पूरी संख्या सीधे-सीधे “छंटनी” (layoffs) का परिणाम नहीं है।

वित्त वर्ष 2026 के अंत तक TCS की कुल कर्मचारी संख्या घटकर लगभग 5.84 लाख रह गई, जो पिछले साल की तुलना में करीब 23,460 कम है । लेकिन HR हेड सुदीप कुन्नुमल ने साफ कहा है कि इस गिरावट को केवल layoffs से जोड़ना गलत होगा।

उनके अनुसार, यह कमी कई अलग-अलग कारणों का संयुक्त परिणाम है, न कि एक ही बार में बड़े स्तर पर कर्मचारियों को निकालने का फैसला।

असली वजह: “नेचुरल एट्रिशन” और बदलाव

HR के अनुसार, कर्मचारियों की संख्या कम होने के पीछे सबसे बड़ा कारण “natural attrition” है। इसका मतलब है कि कई कर्मचारी खुद ही कंपनी छोड़कर गए या तो बेहतर अवसरों के लिए, या व्यक्तिगत कारणों के लिए, या रिटायरमेंट के कारण।

इसके अलावा, कंपनी के भीतर कार्यशैली और संरचना में भी बदलाव हुए हैं। पिछले साल जो restructuring (पुनर्गठन) किया गया था, उसका भी कुछ असर पड़ा, लेकिन HR ने स्पष्ट किया कि पूरी गिरावट उसी की वजह से नहीं है ।

Restructuring और “Future-Ready” Strategy

आईटी इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है, और TCS भी इस बदलाव के साथ खुद को ढालने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने पिछले साल workforce restructuring किया था, जिसमें कुछ roles कम किए गए खासकर mid और senior level पर, जहां skill mismatch की समस्या सामने आई।

इसका मतलब यह नहीं कि कंपनी कमजोर हो रही है, बल्कि यह संकेत है कि वह खुद को “future-ready” बना रही है, जहां नई टेक्नोलॉजी और automation के अनुसार workforce को reshape किया जा रहा है।

AI और Automation का असर

हालांकि HR ने सीधे तौर पर AI को layoffs का कारण नहीं बताया, लेकिन industry trends को देखते हुए यह साफ है कि automation और AI ने काम करने के तरीके को बदल दिया है।

कई traditional roles जैसे manual testing, repetitive coding, और support operations अब धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। इससे कंपनियां lean teams के साथ ज्यादा काम करने लगी हैं।

इसका असर खासतौर पर उन कर्मचारियों पर पड़ा जिनकी skills नई तकनीकों के साथ align नहीं थीं।

Hiring बंद नहीं हुई बल्कि जारी है

दिलचस्प बात यह है कि कर्मचारियों की संख्या घटने के बावजूद TCS hiring जारी रखे हुए है।

कंपनी ने बताया कि वह हर साल लगभग 40,000 freshers को hire करने की योजना पर कायम है । सिर्फ पिछले साल ही लगभग 44,000 trainees को onboard किया गया था।

इससे साफ है कि कंपनी पूरी तरह hiring रोक नहीं रही, बल्कि workforce को नए skillset के साथ rebuild कर रही है।

क्या आगे और layoffs होंगे?

HR ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल कंपनी किसी बड़े नए layoffs की योजना नहीं बना रही है । restructuring phase अब लगभग पूरा हो चुका है, और कंपनी स्थिरता की ओर बढ़ रही है।

हालांकि, global demand, economic conditions और technology shifts के आधार पर भविष्य में hiring और workforce planning बदल सकती है।

IT सेक्टर के लिए बड़ा संकेत

TCS में 23,000 कर्मचारियों की गिरावट सिर्फ एक कंपनी की कहानी नहीं है यह पूरे IT सेक्टर में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत है।

आज कंपनियां quantity से ज्यादा quality पर ध्यान दे रही हैं। skill-based hiring, AI integration, और efficiency-driven models अब industry का नया norm बनते जा रहे हैं।

निष्कर्ष: डर नहीं, बदलाव को समझने की जरूरत

इस पूरे मामले को सिर्फ “23,000 लोगों की छंटनी” के रूप में देखना सही नहीं होगा। असल में यह एक structural shift है जहां IT कंपनियां खुद को नए दौर के लिए तैयार कर रही हैं।

TCS ने साफ कर दिया है कि यह कोई अचानक लिया गया कठोर फैसला नहीं था, बल्कि धीरे-धीरे हुआ बदलाव है जिसमें attrition, restructuring, और evolving technology all played a role.

अब सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि नौकरियां जा रही हैं या नहीं बल्कि यह है कि आने वाले समय में कौन-सी skills की जरूरत होगी।

और यही सवाल आने वाले सालों में हर IT professional के लिए सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है।

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